Horror Hindi Kahani

डरावना पुतला एक कहानी, (horror hindi kahani), यह कहानी एक पुतले की है, जो उन्हें रास्ते में दिखाई देता है उसके बाद वह हर जगह उन्हें नज़र आता है.

डरावना पुतला एक कहानी : horror hindi kahani

 

अभी तक उसकी पत्नी घर पर नहीं आयी थी, वह इंतज़ार कर रहा था, उसे लग रहा था की शायद आज उसे देर हो गयी है, उसने मोबाइल से बात करने की कोशिश की थी मगर अभी उसने फ़ोन नहीं उठाया था शायद वह ड्राइविंग कर रही थी, इसलिए अभी वह इंतज़ार कर रहा था, मगर चिंता उसे बहुत लगी हुई थी, उसने फिर फ़ोन किया इस बार पत्नी ने फ़ोन को उठाया और कहा की अभी में रास्ते में हु, अभी मुझे 15 मिनट और लग जाएंगे, वह सोचने लगा की ठीक है अभी समस्य है इसलिए खाने के लिए कुछ बना लिया जाए,

रात के अभी दस बज चुके थे, भूख भी लग रही थी, मगर जब घड़ी की और देखा तो बीस मिनट हो चुके थे, लेकिन अभी कार नहीं आयी थी, तभी कार आ जाती है, उसे लगता है की उसकी पत्नी आ गयी है, वह दरवाजा खोलता है और सामने उसकी पत्नी होती है, वह अंदर आती है, और पूछती है की लगता है आज खाना तुमने बना लिया है पति भी कहता है की आज तुम्हे देर हो गयी थी इसलिए सोचा की कुछ बना भी लिया जाए, इसलिए बना लिया था,

तुम जल्दी आ जाओ फिर साथ में खाना खाते है, कुछ देर बाद वह आती है, पति पूछता है तुम तो आज बहुत देरी से आयी हो, आज क्या हुआ था जब फ़ोन किया तो कुछ ही देर में आ रही थी मगर फिर भी तुम बहुत देर लगाकर आयी हो, ऐसा क्यों हुआ है तभी पत्नी ने बताया की आज मुझे पहले से देर हो गयी थी मगर जब आपने फ़ोन किया तो मेने कार को रोक दिया था, क्योकि मेरे सामने एक पुतला आ गया था वह पुतला बहुत अजीब लग रहा था वह अचानक ही मेरे सामने आया था

पति कहता है की एक पुतले से क्या डरना, लेकिन पत्नी कहती है की वह पुतला ऐसा लग रहा था की चल रहा है कार को देखकर वह रुक गया और अचानक ही गिर गया था, जब पास जा कर देखा तो वह कपड़ो से बना हुआ पुतला नज़र आ रहा था, देखने पर बहुत खराब लग रहा था, उसे देख कर बहुत डर लगता है में तो वहा से जल्दी ही निकल आयी पता नहीं लोग सड़क पर क्या डाल जाते है, उन्हें सोचना चाहिए की सड़क पर ऐसी चीजे नहीं छोड़नी चाहिए, खेर अब तुम खाना खाओ, इन सब बातो को रहने दो,

रात बहुत हो चुकी है, दोनों ने खाना खाया और सोने जाने लगे, कुछ देर बाद पत्नी को वही पुतला सपने में नज़र आता है सपने में देखकर वह उठ जाती है, उसे बहुत ज्यादा डर भी लगता है, जब वह पति की और देखती है, तो वह सो रहे होते है, वह पानी पीने के लिए नीचे जाती है, क्योकि उनका किचिन नीचे है वह ऊपर सोते है, जब वह पानी के लिए अपना फ्रिज  खोलती है तो उसे वही पुतला नज़र आता है उसे देखकर वह डर जाती है और ऊपर की और भागती है

वह अपने पति को जगाती है और कहती है की पुतला हमारे फ्रिज में है, पति यही कहता है की यह ज्यादा सोचने की वजह से हो रहा है पहली बात यह है की वह अंदर नहीं आ सकता है दूसरी बात यह है की एक पुतला चल भी नहीं सकता है वह हमारे फ्रिज में कैसे हो सकता है तुम भी बेकार की बात करती हो, वह नीचे आते है और फ्रिज खोलते है मगर वहा पर कुछ नहीं होता है अब पत्नी भी यही सोचती है की शायद ऐसा ज्यादा सोचने की वजह से हो रहा है

वह दोनों सोने चले जाते है, कुछ देर बाद दरवाजा पर आवाज होती है यह रात का समय था शायद एक बजा होगा पत्नी की आँखे खुलती है वह सोचती है की मुझे ही चलकर देखना चाहिए की कौन रात को आया होगा वह दरवाजे पर जाती है मगर वह यह भी सोचती है की कही वह पुतला तो नहीं है, मगर यह तो उसका वहम हो सकता है, वह सभी बातो को सोचते हुए दरवाजा खोलती है और दरवाजे पर वही पुतला खड़ा होता है इस बार उसका वहम नहीं था, वह जोर से अपने पति को आवाज लगाती है, उसके बाद पति नीचे आता है और कहता है की तुम दरवाजे के पास क्या कर रही हो,

वह कहती है की दरवाजे पर वही पुतला आता है और उसे देखकर बहुत डर लगता है यह दरवाजा भी उसने ही खुलवाया है, जब वह दरवाजे पर दस्तक दे रहा था मेने दरवाजा खोला और वह मेरे सामने था उसे देखकर बहुत ज्यादा डर लग रहा है वह यहां तक कैसे आ सकता है यह मेरा कोई वहम नहीं है अगर तुम ऐसा सोचते हो तो यह बहुत गलत है, क्योकि दरवाजा खोलने में मजाक में नहीं आयी हु, मगर पति कहता है की वह मुझे कही दिखाई नहीं देता है

यह बात भी बहुत अजीब होती है क्योकि वह सिर्फ एक को ही दिखाई दे रहा है दूसरे को नहीं, वह दोनों दरवाजा बंद करते है और अंदर जाने लगते है लेकिन दरवाजे पर फिर से दस्तक होती है पत्नी कहती है की इस बार दरवाजा नहीं खोलना है क्योकि वही पुतला वहा पर खड़ा मिलेगा, पति कहता है की ठीक है मुझे भी तो देखना है की वह पुतला कौन है वह दरवाजा खोलते है वही पुतला सामने आ जाता है उसके बाद दोनों उसे देखकर बेहोश हो जाते है,

जब सुबह होती है तो वह उठे और देखते है की कहा पर वह दोनों अंदर ही सोये रहते है दोनों सोचते है की यह कोई सपना है या कोई हकीकत, क्योकि मुझे लगता है की हम बहार होंगे मगर हम तो अंदर है हो सकता है की हमने सपने देखा हो, कोई भी नहीं जानता है की क्या हुआ था मगर कुछ बाते दुनिया में बहुत अजीब ही होती है उनका हल निकलना थोड़ा मुश्किल होता है.

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