वह कौन थी | woh kaun thi short stories in hindi

woh kaun thi short stories in hindi

वह कौन थी हिंदी कहानी, (woh kaun thi short stories in hindi) उसके बारे में बहुत पता किया गया था मगर कुछ भी हासिल नहीं हुआ था, आज भी लोग इस बात को मानते है की वह वहा पर अब भी है, लेकिन किसी ने भी देखा नहीं है,

वह कौन थी हिंदी कहानी : short stories in hindi

उसके बारे में कोई भी नहीं जानता था वह कभी दिखाई देती थी वह कभी नहीं दिखाई देती थी उन सभी लोगों ने बहुत बार देखने की कोशिश की थी मगर उन्हें कुछ भी नजर नहीं आ रहा था इस बात को आज से 10 साल हो गए अब कहीं भी नजर नहीं आती है उसे देखने पर भी नहीं दिखाई देती है लेकिन ऐसा क्या हुआ था उस दिन जब वह दिखाई देनी शुरू हुई थी कोई भी इस बात को पूरी तरह नहीं जानता था.

यह उस गांव की बात है जिसके घर के छत पर उसे हमेशा देखा गया था सबसे बड़ी अजीब बात यह है कि उसे कोई पहचान नहीं पा रहा था क्योंकि उसकी शक्ल साफ नजर नहीं आ रही थी बहुत से लोगों ने उसे देखा था इसलिए सभी लोग इस बात पर यकीन करते हैं लेकिन अब वह दिखाई नहीं देती अब ऐसा क्या हुआ कि वह नजर नहीं आती अब हम पीछे के 10 साल पहले की बात पर चलते हैं जब वह दिखाई देनी शुरू हुई थी मोहनलाल के पास एक मकान था जो कि बहुत ही पुराना हो चुका था इसलिए वह उसमें रहना नहीं चाहता था

उसने कुछ ही दूरी पर अपना एक मकान बना लिया था मोहनलाल का उस मकान को छोड़ने का मुख्य कारण यह था कि वह मकान अब बहुत ज्यादा खराब हो चुका था और उसकी स्थिति दोबारा सुधारी नहीं जा सकती थी इसलिए उसने उसे छोड़ना ही ठीक समझा कुछ दूरी पर जाकर उसने अपना एक नया मकान बनवा लिया था उसी में रहना शुरू कर दिया था लेकिन मोहनलाल को हमेशा यह बात समझ में नहीं आती थी कि उसकी दूसरे मकान की छत पर कौन बैठा रहता था जब वह तकरीबन रात के 11:00 बजे उसने अपनी खिड़की खोली तो देखा कि उसकी मकान की छत पर कोई बैठा है लेकिन वह कौन हो सकता है मोहनलाल जानता था कि गांव में कभी चोर नहीं आए और चोरी का तो मतलब ही नहीं बैठता है यहां पर कौन बैठा है

जो इतनी रात में क्या कर रहा है मोहनलाल को हमेशा यह बात बहुत अजीब लगती थी एक या दो बार देखने पर ही वह सोचने लगा कि मुझे चलकर  देखना चाहिए कि वहां पर क्या है जब अगली रात हुई तो मोहनलाल अपने मकान से निकला और अपने दूसरे मकान की ओर जाने लगा क्योंकि उसे छत पर भी दिखाई दे रहा था जब वह मकान के पास पहुंचा तो पूछने लगा कि तुम कौन हो जो छत पर बैठे हो देखने पर कोई आदमी नहीं लग रहा था क्योंकि उसके बाल बहुत लंबे थे मोहनलाल ने उसे बार-बार पूछा कि तुम कौन हो लेकिन वह कोई भी जवाब नहीं दे रहा था मोहनलाल को थोड़ा अजीब लग रहा था इसलिए वह उस दिन वहां पर कुछ भी नहीं कर पाया और अब वापस अपने घर चला गया और अगले दिन यह बात सभी गांव वालों को उसने बताएं.

पहले तो किसी ने भी उसकी बात पर यकीन नहीं किया लेकिन जब खुद गांव वाले उसके घर पर रात को रुके और तब उन्होंने देखा कि रात 11:00 बजे के बाद उसकी छत पर कोई बैठ जाता है तो उन्हें भी अब यकीन होने लगा था और सभी लोग बाहर निकले और उस घर को चारों ओर से घेर कर खड़े हो गए और पूछने लगे कि तुम कौन हो जो यहां पर बैठे हो तभी कोई आवाज नहीं सुनाई दी सभी लोगों ने सोचा कि हमें चलकर देखना चाहिए क्योंकि वह कोई भी जवाब नहीं दे रहा है इसलिए कुछ गांव वाले छत पर गए लेकिन छत पर कुछ भी नहीं था वह कहने लगे यहां पर तो कोई भी नहीं है

लेकिन जब  हमने देखा तो मैं यहीं पर बैठा हुआ दिखाई दे रहा था सभी लोग पहले से ज्यादा घबरा चुके थे क्योंकि वह कौन था कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था तभी मोहनलाल ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है वह कोई लड़की है या कोई महिला क्योंकि उसके बाल बहुत लंबे हैं लेकिन वह मुझे अपने घर से दिखाई देती है लेकिन यहां पर आने पर वह दिखाई नहीं देती है ऐसा कैसे हो सकता है तभी कुछ आदमी बोलेगी यह आत्मा हो सकती है क्योंकि वही गायब हो सकती हो कोई और गायब हो नहीं सकता हमें लगता है कि वह किसी की आत्मा है जो हमें डरा रही है

सभी गांव वाले सोचने लगे कि हमें यहां से चलना चाहिए क्योंकि वह आत्मा किसी को भी नुकसान पहुंचा सकती है और यहां पर हमें बिल्कुल भी नहीं आना चाहिए इस मकान के चारों ओर हमें रास्ता बंद करवा देना चाहिए जिससे कि कोई भी इसके अंदर ना आने पाए धीरे-धीरे समय बीतता चला गया और अब वह किसी को भी दिखाई नहीं देती इस बात को आज से 10 साल बीत चुके हैं लेकिन कुछ लोगों को यह बात याद है और कुछ भूल चुके हैं सभी लोग यह जानते हैं कि वह किसी के लिए भी खतरा नहीं थी लेकिन वह कौन थी

यह बात कोई नहीं जानता कोई भी इस बात को नहीं जान सकता था क्योंकि किसी को भी इस बारे में कुछ भी पता नहीं था यह कुछ दिन तक ही ऐसा चलता रहा और उसके बाद अचानक ही गायब हो गया हो बहुत साल बीत गए हैं अब ऐसा कुछ भी नहीं है वह मकान आज भी वहीं पर है और खंडर बन चुका है इन 10 सालों में मकान की हालत बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है अब कोई भी उस तरफ नहीं जाता है जबकि सभी जानते हैं कि वहां हम कुछ भी नहीं है बहुत सी बातों पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जिन्हें देखने के बाद उन पर यकीन हो जाता है अगर आपके भी जीवन में ऐसी कोई घटना घटित हुई है तो आप हमें जरूर बताएं.

अगर आपको यह वह कौन थी हिंदी कहानी, (woh kaun thi short stories in hindi) कहानी पसंद आयी है तो आप इसे शेयर जरूर करे और कमेंट करके हमे भी बताये,

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