जब दोस्त बन गया प्यार तो हो गया कमाल – Best Friend Love Story in Hindi

अभिषेक और वैशाली स्कूल से एक साथ थे और अब कॉलेज में भी एक ही क्लास में है. दोनों पांचवी क्लास से एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त है. दोनों इतने अच्छे दोस्त है कि कॉलेज में कुछ लोग तो समझते है कि दोनों का अफेयर चल रहा है. दोनों एक साथ कॉलेज जाते है, एक ही क्लास में है और जब भी अभिषेक को किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो वो वैशाली को ही कहता है.

Best Friend Love Story in Hindi

वो कहते है ना कि 18 से 21 साल की उम्र ऐसी होती है जिसमे लव होर्मोनेस सबसे ज़्यादा एक्टिव हो जाते है और कुछ ऐसा ही हुआ अभिषेक के साथ भी. चूँकि दोनों कई सालो से बहुत अच्छे दोस्त है, अब अभिषेक के दिल में वैशाली के लिए दोस्ती से कुछ ज़्यादा फीलिंग्स पैदा हो गयी थी. और सिर्फ अभिषेक के दिल में नहीं, वैशाली भी अभिषेक को दोस्त से ज़्यादा मानने लगी थी. अब इन दोनों के बीच में सिर्फ दोस्ती थी जिसे ये दोनों कभी ख़त्म नहीं करना चाहते थे.

यूँ ही वक़्त बीतता गया और दोनों नौकरी करने लगे. अभिषेक की नौकरी अहमदाबाद में थी और वैशाली दिल्ली में नौकरी करती थी लेकिन फिर भी दोनों फ़ोन या Whatsapp पर रोज़ बाते करते थे. एक दूसरे से दूर जाने के बाद अभिषेक और वैशाली को अपने बीच प्यार का एहसास भी हुआ लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा. अब दोनों को एक दूसरे से अलग हुए 2 महीने हो चुके थे और एक दिन वैशाली को अभिषेक का फ़ोन आया.

अभिषेक: वैशाली, मैं कल दिल्ली आ रहा हूँ, मिलोगी?? काम तो नहीं ज़्यादा?

वैशाली: अरे, stupid, तेरे लिए कोई काम ज़रूरी नहीं. शुक्र है तू मिलने आ रहा है, बड़ा मिस कर रही थी तुझे.

अभिषेक: चल, कल मिलते है  तौर तुझे तेरा favourite पिज़्ज़ा भी खिलाऊंगा मोटी.

अगले दिन दोनों एक रेस्टोरेंट में मिलते है.

Best Friend Love Story in Hindi

अभिषेक वैशाली को देख कर हैरान रह जाता है, वो बहुत सुन्दर लग रही थी, उसने मेकअप किया हुआ था और जीन्स डाली हुई थी.

अभिषेक: अरे, वैशाली तुझे तो दिल्ली की हवा लग गयी, तू इतनी सुन्दर कैसे हो गयी?

वैशाली: सुन्दर तो मैं पहले भी थी, बस तूने कभी ध्यान से देखा ही नहीं मुझे.

अभिषेक: और सुना कैसी चल रही है तेरी जॉब, तू ठीक तो है ना?

वैशाली: हाँ, मैं ठीक हूँ अभिषेक और मैं कुछ confess करना चाहती हूँ. अभिषेक..हमें एक दूसरे के साथ इतना वक़्त हो गया, हमने इतना वक़्त बिताया है एक दूसरे के साथ लेकिन जब से हम जॉब के लिए अलग हुए है तब से मुझे कुछ अलग सा लग रहा है. तुझे पता है, ये ड्रेस मैंने कल ही ली थी क्यूंकि तू आने वाला था और ये मेकअप भी मैंने इसीलिए किया है क्यूंकि तू आज मुझसे मिलने वाला था. तू समझ रहा है ना?

अभिषेक: (हँसते हुए) नहीं…मैं कुछ समझ नहीं पा रहा हूँ..

वैशाली: देख..अब हमे दोस्ती के आगे बढ़ना चाहिए. मुझे लगता है कि एक दोस्त से अच्छा लाइफ पार्टनर मुझे कभी नहीं मिल सकता. अब तू भी कुछ समझा कर या सब कुछ मुझे ही बताना पड़ेगा.

अभिषेक वैशाली का हाथ अपने हाथ में लेता है और..

अभिषेक (हँसते हुए): तुझे पता है, मेरे दिल में तेरे लिए फीलिंग्स कॉलेज टाइम भी थी लेकिन मैं डरता था कि कही तेरे जैसी दोस्त ना खो दू. वैशाली, मैं तेरे साथ अपनी पूरी ज़िन्दगी बिताना चाहता हूँ, अगर तू मेरे साथ होगी तो पूरी ज़िन्दगी हंसी मज़ाक में ही नकल जायेगी. वैसे तो मैं दिल्ली सिर्फ तुझसे मिलने आया था लेकिन सच में दिल्ली की लड़किया दिल चुराना जानती है. (हँसते हुए)

तभी पिज़्ज़ा उनके टेबल पर आ जाता है और अभिषेक कहता है “ले मोती…खा ले अपना पिज़्ज़ा”. वैशाली अभिषेक को ज़ोर का punch मारती है और अभिषेक को पिज़्ज़ा खिलाते हुए कहती है “तू भी खा पिज़्ज़ा, मैं अकेली क्यों मोटी हो जाऊ, तुम्हे भी मेरे साथ मोटा होना पड़ेगा”

एक अच्छा दोस्त मिलना बहुत बड़ी बात है लेकिन ऐसा Life Partner मिलना जो अच्छा दोस्त भी हो, किस्मत की बात है !

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